Car Buying Tips: दिवाली पर कार खरीद रहे हैं? इन 5 बातों का रखें ध्यान

दिवाली पर नई कार खरीदना: शुभ मौका और समझदारी का संगम

दिवाली सिर्फ़ रोशनी और खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि नई शुरुआत का भी प्रतीक है। इस समय पर नई कार खरीदना शुभ माना जाता है। हर ब्रांड अपनी सेल स्ट्रैटेजी के तहत बंपर डिस्काउंट, लोन ऑफर्स और लिमिटेड एडिशन मॉडल्स लॉन्च करता है। लेकिन इस सुनहरे मौके में समझदारी का तड़का लगाना ज़रूरी है—ताकि आपके पैसों का सही उपयोग हो और खरीदी गई कार आने वाले सालों तक फायदे का सौदा साबित हो।


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1. फेस्टिव ऑफर्स का पूरा फायदा उठाएं

दिवाली के दौरान लगभग हर कार निर्माता कंपनी खास ऑफर्स लेकर आती है। लेकिन ज़्यादातर लोग सिर्फ़ “कैश डिस्काउंट” देखकर खुश हो जाते हैं। असल समझदारी है बैंक और डीलरशिप के बीच चल रहे कॉम्बो ऑफर्स को परखने में।
कई बैंक जीरो डाउन पेमेंट लोन, नो प्रोसेसिंग फीस और लो इंटरेस्ट EMI जैसी स्कीम देते हैं। वहीं, शोरूम एक्सचेंज बोनस या एक्सेसरीज़ पैकेज में ऑफर जोड़ता है। इसलिए खरीदारी से पहले हर ऑफर की शर्तें पढ़ना और तुलना करना बेहद ज़रूरी है।


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2. बजट और ज़रूरत के हिसाब से सही मॉडल चुनें

कार चुनते समय सबसे बड़ी गलती होती है—स्टाइल को उपयोगिता से ज़्यादा महत्व देना।
अगर आपका उपयोग रोज़ाना ऑफिस कम्यूट के लिए है, तो हैचबैक या कॉम्पैक्ट सेडान सबसे बेहतर रहती है। लंबी यात्राओं के शौकीन हैं तो SUV या क्रॉसओवर ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
साथ ही, फ्यूल टाइप का चयन भी बहुत अहम है। पेट्रोल कारें स्मूद और कम मेंटेनेंस वाली होती हैं, जबकि डीज़ल कारें हाई माइलेज देती हैं। अगर आप भविष्य को ध्यान में रखकर चलना चाहते हैं, तो इलेक्ट्रिक कारें (EVs) अब तेजी से पॉपुलर हो रही हैं।


3. इंश्योरेंस और लोन की बारीकियों को नज़रअंदाज़ न करें

कार लोन लेते वक्त सिर्फ EMI अमाउंट देखकर फैसला न लें। ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट चार्जेस की तुलना अलग-अलग बैंकों से करें।
इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय केवल थर्ड पार्टी कवरेज पर न रुकें — कंप्रीहेंसिव इंश्योरेंस बेहतर सुरक्षा देता है, जिसमें चोरी, आकस्मिक नुकसान और प्राकृतिक आपदा का कवरेज शामिल होता है।
क्लेम प्रक्रिया भी सरल होनी चाहिए, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में परेशानी न हो।


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4. टेस्ट ड्राइव और फीचर चेक अनिवार्य है

कई लोग शो-रूम की चमक में बहक जाते हैं और बिना टेस्ट ड्राइव लिए कार बुक कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है।
टेस्ट ड्राइव के दौरान आपको कार की हैंडलिंग, ब्रेकिंग, सस्पेंशन और सीट कम्फर्ट का असली अनुभव मिलता है।
साथ ही, सेफ्टी फीचर्स जैसे एयरबैग्स, ABS, EBD और रिवर्स कैमरा की मौजूदगी भी सुनिश्चित करें।
याद रखें — कार सिर्फ दिखने में खूबसूरत नहीं, बल्कि चलाने में भरोसेमंद भी होनी चाहिए।


5. रजिस्ट्रेशन, ऑन-रोड प्राइस और हिडन चार्जेज़ पर सतर्क रहें

कई बार खरीदार “एक्स-शोरूम प्राइस” देखकर खुश हो जाते हैं, जबकि असल खर्च “ऑन-रोड प्राइस” में होता है। इसमें RTO टैक्स, इंश्योरेंस, हैंडलिंग चार्ज और एक्सेसरीज़ शामिल होती हैं।
डीलर से लिखित में सभी चार्जेज़ की डिटेल लें और किसी भी “अनिवार्य पैकेज” के नाम पर अतिरिक्त भुगतान न करें।
ट्रांसपेरेंसी बनाए रखें — तभी आपकी खरीदारी तनाव-मुक्त और लाभदायक बनेगी।

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निष्कर्ष: दिवाली का तोहफ़ा हो समझदारी से चुनी हुई कार

नई कार खरीदना उत्साह से भरा फैसला है, लेकिन इसमें विवेक का होना उतना ही आवश्यक है।
जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि रिसर्च और तुलना के बाद लिया गया निर्णय ही आपको सही मूल्य दिला सकता है।
इस दिवाली, समझदारी से खरीदी गई कार आपके लिए न सिर्फ़ स्टेटस सिंबल होगी, बल्कि आने वाले सालों तक सुखद अनुभव का हिस्सा भी बनेगी।

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